JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2019

Previous Year Question

इनमें से किस मुगल सम्राट ने सचित्र पांडुलिपियों से ध्यान हटाकर चित्राधार (एल्बम) और वैयक्तिक रूपचित्रों पर अधिक जोर दिया?

A.
हुमायूँ
B.
अकबर
C.
जहाँगीर
D.
शाहजहाँ

Correct Answer: C

Detailed Solution

जहाँगीर (1605–1627 ई.) के शासनकाल में मुगल चित्रकला का जोर बड़े सचित्र ग्रंथों से हटकर स्वतंत्र चित्रों, वैयक्तिक रूपचित्रों और चित्राधारों/एल्बमों की ओर बढ़ा। अकबर के समय हम्ज़ानामा, अकबरनामा और रज़्मनामा जैसे बड़े ग्रंथों को चित्रित करने की परंपरा विशेष रूप से विकसित हुई थी। जहाँगीर ने इसके विपरीत किसी व्यक्ति की वास्तविक आकृति, पशु-पक्षियों, फूल-पौधों और प्रकृति के सूक्ष्म एवं यथार्थ चित्रण को अधिक प्रोत्साहन दिया।

जहाँगीर स्वयं चित्रकला का अत्यंत कुशल पारखी था। अपने ‘तुज़ुक-ए-जहाँगीरी/जहाँगीरनामा’ में उसने दावा किया कि किसी चित्र पर कलाकार का नाम न होने पर भी वह उसकी शैली देखकर चित्रकार पहचान सकता था; यहाँ तक कि यदि एक ही चित्र के अलग-अलग हिस्से अलग कलाकारों ने बनाए हों, तो भी वह उन्हें पहचान सकता था। उसके शासन में बिशनदास रूपचित्रों, जबकि उस्ताद मंसूर पशु-पक्षियों और प्राकृतिक विषयों के चित्रण के लिए प्रसिद्ध हुए।

इस काल की एक प्रमुख विशेषता मुरक़्क़ा (Muraqqa) थी—ऐसा एल्बम जिसमें स्वतंत्र चित्र, रूपचित्र और सुलेख के नमूने सजाकर संकलित किए जाते थे। जहाँगीर का प्रसिद्ध गुलशन एल्बम (Muraqqa-i-Gulshan) इसी परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसलिए इस परिवर्तन को जहाँगीर के शासन से जोड़ा जाता है।

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