JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2022

Previous Year Question

“योगवाशिष्ठ” का फारसी भाषा में अनुवाद निज़ामुद्दीन पानीपति ने किस शासक के शासनकाल में किया था?

A.
अकबर
B.
हुमायूँ
C.
शाहजहाँ
D.
औरंगजेब

Correct Answer: A

Detailed Solution

योगवाशिष्ठ संस्कृत का एक दार्शनिक ग्रंथ है, जिसमें ऋषि वशिष्ठ और राम के बीच संवाद के माध्यम से ज्ञान, वैराग्य, मुक्ति और संसार की प्रकृति जैसे विषयों की चर्चा की गई है।

निज़ामुद्दीन पानीपति ने इसका फारसी अनुवाद लगभग 1597–98 ई. में किया, जब मुगल सम्राट अकबर (1556–1605 ई.) का शासन था। इस फारसी रूप को सामान्यतः ‘जुग बासिष्ट/जोग बासिष्ट (Jūg Bāsiṣṭh)’ के नाम से जाना जाता है।

इस अनुवाद की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसे राजकुमार सलीम, जो बाद में जहाँगीर बना, के लिए तैयार किया गया था। पानीपति के फारसी अनुवाद की भूमिका में भी सलीम का उल्लेख मिलता है। इसलिए यहाँ यह अंतर समझना आवश्यक है कि ग्रंथ सलीम के लिए अनूदित हुआ, लेकिन उस समय सम्राट अकबर था।

यह अकबर के समय संस्कृत और भारतीय ज्ञान-परंपरा के ग्रंथों को फारसी में उपलब्ध कराने की व्यापक बौद्धिक गतिविधि का हिस्सा था। इसी काल में रामायण, महाभारत और अन्य संस्कृत ग्रंथों के भी फारसी अनुवाद किए गए।

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