Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
‘बीजक’ संत दादू दयाल की शिक्षाओं का एक संकलन है।
पुष्टि मार्ग के दर्शन का प्रतिपादन माधवाचार्य द्वारा किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?
Correct Answer: D
Detailed Solution
कथन 1 गलत है। ‘बीजक’ दादू दयाल की नहीं, कबीर की वाणियों से संबंधित रचना है। कबीर 15वीं–16वीं शताब्दी की निर्गुण भक्ति परंपरा के प्रमुख संत थे। उनकी रचनाएँ मुख्यतः साखी और पद के रूप में प्रचलित हुईं और बाद में उनके पदों तथा विचारों के विभिन्न संकलन तैयार हुए। NCERT स्पष्ट रूप से बताती है कि कबीर की रचनाओं में से कुछ को बाद में गुरु ग्रंथ साहिब, पंचवाणी और बीजक में संकलित एवं सुरक्षित किया गया।
कथन 2 भी गलत है। पुष्टि मार्ग का प्रतिपादन वल्लभाचार्य ने किया था, माधवाचार्य ने नहीं। वल्लभाचार्य (1479–1531 ई.) कृष्ण-भक्ति की वैष्णव परंपरा के प्रमुख आचार्य थे। उनके द्वारा स्थापित पुष्टिमार्ग का अर्थ ‘कृपा का मार्ग’ (Way of Grace) है। इसमें भगवान कृष्ण, विशेषकर बाल-कृष्ण, की प्रेमपूर्ण सेवा और भक्ति को विशेष महत्त्व दिया गया।
इसके विपरीत माधवाचार्य का संबंध द्वैत वेदान्त (Dvaita Vedanta) से है। उनके दर्शन में ईश्वर और जीव को वास्तविक रूप से भिन्न माना गया तथा विष्णु को सर्वोच्च ईश्वर स्वीकार किया गया। इसलिए पुष्टिमार्ग—वल्लभाचार्य और द्वैत वेदान्त—माधवाचार्य को अलग-अलग याद रखना चाहिए।