Previous Year Question
विजयनगर के शासक कृष्णदेव की कराधान व्यवस्था से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
भूमि की गुणवत्ता के आधार पर भू-राजस्व की दर नियत होती थी।
कारखानों के निजी स्वामी एक औद्योगिक कर देते थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct Answer: C
Detailed Solution
कथन 1 सही है। विजयनगर साम्राज्य में भू-राजस्व राज्य की आय का प्रमुख स्रोत था। भूमि पर एक समान दर से कर नहीं लगाया जाता था। भूमि की गुणवत्ता, मिट्टी, उगाई जाने वाली फसल तथा सिंचाई की सुविधा को ध्यान में रखकर कर निर्धारित किया जाता था।
कृष्णदेवराय के समय भू-राजस्व की दर भूमि की गुणवत्ता के अनुसार लगभग उपज के 1/6 से 1/3 भाग तक बताई गई है। अर्थात् यदि किसान की कुल उपज 600 इकाई हो, तो परिस्थितियों के अनुसार लगभग 100 से 200 इकाई तक राजस्व हो सकता था। विजयनगर की सामान्य राजस्व व्यवस्था में 1/6 उपज को एक सामान्य दर के रूप में भी उल्लेखित किया गया है; वास्तविक दर भूमि और फसल की प्रकृति के अनुसार बदल सकती थी।
भूमि को राजस्व-निर्धारण के लिए सिंचित भूमि, शुष्क भूमि, बाग-बगीचे आदि श्रेणियों में देखा जाता था। इसलिए कथन में कहा गया है कि कर की दर भूमि की गुणवत्ता पर निर्भर थी।
कथन 2 भी सही है। विजयनगर की आय केवल खेती से नहीं आती थी। कारीगरों, दुकानदारों तथा विभिन्न व्यवसायों पर भी कर लगाए जाते थे। निजी कारखानों अथवा कार्यशालाओं के स्वामियों से औद्योगिक कर लिया जाता था। इसके अतिरिक्त संपत्ति, घर, चराई, व्यापार तथा विभिन्न पेशों से संबंधित कर भी राज्य की आय के स्रोत थे।