Previous Year Question
मध्यकालीन गुजरात के निम्नलिखित शासकों में से किसने दीव को पुर्तगालियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था?
Correct Answer: C
Detailed Solution
सही उत्तर गुजरात का सुल्तान बहादुर शाह है। उसने लगभग 1526–1537 ई. तक गुजरात पर शासन किया। उसके शासन के समय एक ओर मुगल सम्राट हुमायूँ गुजरात की ओर विस्तार कर रहा था और दूसरी ओर पुर्तगाली गुजरात के समुद्री व्यापार और दीव जैसे सामरिक बंदरगाह पर अपना प्रभाव बढ़ाना चाहते थे।
1535 ई. में हुमायूँ के आक्रमण के कारण बहादुर शाह की स्थिति गंभीर हो गई और वह पीछे हटते हुए दीव तक पहुँचा। इसी राजनीतिक दबाव में उसने पुर्तगाली गवर्नर नूनो दा कुन्हा (Nuno da Cunha) के साथ 25 अक्टूबर 1535 को समझौता किया। पुर्तगालियों ने उसे उसके शत्रुओं के विरुद्ध भूमि और समुद्र दोनों ओर से सहायता देने पर सहमति व्यक्त की और बदले में उन्हें दीव में किला बनाने तथा बंदरगाह में उसके लिए स्थान प्राप्त हुआ।
इस घटना का एक अत्यंत उपयोगी प्रत्यक्ष समकालीन यूरोपीय स्रोत Gaspar Correia है। वह 1535–36 में स्वयं दीव में मौजूद था, जब नूनो दा कुन्हा को बहादुर शाह से पुर्तगाली किला बनाने की अनुमति मिली। बाद में उसने अपनी Lendas da Índia में पुर्तगालियों की भारतीय गतिविधियों का विवरण लिखा। इसलिए 1535 की दीव घटना के लिए हमारे पास केवल बाद की पुस्तकों का विवरण नहीं, बल्कि उस समय दीव में उपस्थित एक लेखक का साक्ष्य भी है।
गुजरात की फारसी ऐतिहासिक परंपरा में सिकन्दर बिन मुहम्मद मंजू की ‘मिरात-ए-सिकन्दरी’ (Mirat-i-Sikandari) भी एक महत्वपूर्ण पुराना स्रोत है। यह घटना का प्रत्यक्ष समकालीन ग्रंथ नहीं है—इसकी रचना लगभग 1611–13 ई. में हुई—लेकिन लेखक ने गुजरात की पहले की, अब लुप्त हो चुकी ऐतिहासिक रचनाओं से सामग्री ग्रहण की थी और बहादुर शाह तथा पुर्तगालियों के संघर्ष की परंपरा को सुरक्षित रखा।