JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2016

Previous Year Question

भारतीय इतिहास के मध्यकाल में बंजारे सामान्यतः कौन थे?

A.
कृषक
B.
योद्धा
C.
बुनकर
D.
व्यापारी

Correct Answer: D

Detailed Solution

मध्यकालीन भारत में बंजारे मुख्यतः व्यापारी-खानाबदोश (trader-nomads) थे। वे एक स्थान से दूसरे स्थान तक बड़ी मात्रा में वस्तुओं, विशेषकर अनाज, का परिवहन और व्यापार करते थे। उनके काफिले को ‘टांडा’ (Tanda) कहा जाता था।

सुल्तान अलाउद्दीन ख़लजी ने दिल्ली के शहरी बाजारों तक अनाज पहुँचाने के लिए बंजारों का उपयोग किया। बाद में मुगल काल में भी उनका आर्थिक और सैन्य रसद में महत्त्व बना रहा। सम्राट जहाँगीर ने अपने संस्मरणों में उल्लेख किया कि बंजारे अलग-अलग क्षेत्रों से अपने बैलों पर अनाज लाते और नगरों में बेचते थे। वे मुगल सेना के अभियानों के दौरान खाद्यान्न की आपूर्ति भी करते थे।

इसकी पुष्टि 17वीं शताब्दी के अंग्रेज व्यापारी और यात्री पीटर मुंडी (Peter Mundy) के प्रत्यक्ष विवरण से और मजबूत होती है। उसने भारत में 14,000 बैलों वाले बंजारों के एक टांडे को देखा, जिन पर गेहूँ और चावल लदा था। मुंडी के अनुसार वे कभी व्यापारियों के लिए सामान ढोते थे, लेकिन अधिकतर वे स्वयं व्यापारी होते थे—जहाँ अनाज सस्ता होता वहाँ खरीदते और जहाँ महँगा होता वहाँ ले जाकर बेचते थे।

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