Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
दिल्ली सल्तनत के राजस्व प्रशासन में राजस्व वसूली के प्रभारी को ‘आमिल’ कहा जाता था।
दिल्ली के सुल्तानों की इक्ता प्रणाली एक प्राचीन देशी संस्था थी।
‘मीर बख्शी’ का पद दिल्ली के ख़लजी सुल्तानों के शासनकाल में अस्तित्व में आया।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
Correct Answer: A
Detailed Solution
कथन 1 सही है। दिल्ली सल्तनत के राजस्व प्रशासन में आमिल (Amil) राजस्व वसूली से संबंधित अधिकारी था। IGNOU की मध्यकालीन भारत संबंधी सामग्री में परगना स्तर पर राजस्व संग्रह के प्रभारी को मुतसर्रिफ (Mutasarrif) बताया गया है और विशेष रूप से उल्लेख है कि समकालीन इतिहासकार ज़ियाउद्दीन बरनी इसके लिए ‘आमिल’ शब्द का प्रयोग करता है। अतः ‘आमिल’ का राजस्व-संग्रह से संबंध समकालीन सल्तनतकालीन स्रोत से भी पुष्ट होता है।
कथन 2 गलत है। इक्ता (Iqta) कोई प्राचीन भारतीय देशी संस्था नहीं थी। ‘इक्ता’ अरबी शब्द है और यह व्यवस्था भारत में दिल्ली सल्तनत की स्थापना से पहले ही इस्लामी जगत में प्रचलित थी। इसके अंतर्गत राज्य की सेवा के बदले अधिकारियों को किसी क्षेत्र से राजस्व प्राप्त करने का अधिकार दिया जाता था। 11वीं शताब्दी के फ़ारसी राजनीतिज्ञ निज़ाम-उल-मुल्क तुसी ने अपनी ‘सियासत-नामा’ में मुक्तियों (Muqtis) और उनके अधिकारों का उल्लेख किया है। यह प्रमाण स्वयं दिखाता है कि इक्ता संस्था दिल्ली सल्तनत से पहले पश्चिम और मध्य एशियाई इस्लामी राजनीतिक व्यवस्था में मौजूद थी।
कथन 3 गलत है। मीर बख्शी ख़लजी सुल्तानों के प्रशासन का पद नहीं था, बल्कि यह मुगल केंद्रीय प्रशासन का एक प्रमुख पद था। ख़लजी एवं अन्य दिल्ली सुल्तानों के समय सैन्य विभाग दीवान-ए-अर्ज़ था। मुगल काल में मीर बख्शी सैन्य प्रतिष्ठान तथा मनसबदारों से संबंधित मामलों का प्रमुख अधिकारी बना। अकबर के दरबारी इतिहासकार अबुल फ़ज़ल की ‘आइन-ए-अकबरी’ में मीर बख्शी का स्पष्ट उल्लेख मुगल साम्राज्य के प्रमुख अधिकारियों में मिलता है।