Previous Year Question
भारतीय इतिहास के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
भारत पर पहला मंगोल आक्रमण जलालुद्दीन खिलजी के राज्यकाल में हुआ।
अलाउद्दीन खिलजी के राज्य-काल में, एक मंगोल आक्रमण दिल्ली तक आ पहुँचा और उस शहर पर घेरा डाल दिया।
मुहम्मद-बिन-तुगलक मंगोलों से अपने राज्य के कुछ उत्तरी-पश्चिमी भाग अस्थायी रूप से हार गया था।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं ?
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1 गलत है। दिल्ली सल्तनत को मंगोल खतरे का सामना जलालुद्दीन खिलजी के शासन से बहुत पहले हो चुका था। 1221 ई. में इल्तुतमिश के शासनकाल में चंगेज खान, ख्वारिज्म के युवराज जलालुद्दीन मंगबर्नी का पीछा करते हुए भारतीय सीमा और सिंधु क्षेत्र तक पहुँचा था। अतः पहला मंगोल आक्रमण जलालुद्दीन खिलजी के राज्यकाल में हुआ था, यह कथन सही नहीं है।
कथन 2 सही है। अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल में मंगोल आक्रमण अत्यधिक गंभीर हो गए थे। 1299 ई. में कुतलुग ख्वाजा के नेतृत्व में मंगोलों ने दिल्ली की ओर बढ़ने का प्रयास किया। इसके बाद 1303 ई. में मंगोल सेना ने दिल्ली पर आक्रमण किया और उसे घेर लिया। उस समय अलाउद्दीन खिलजी चित्तौड़ अभियान से लौटा था। लगातार मंगोल खतरे के कारण उसने दिल्ली की सुरक्षा मजबूत की, विशाल स्थायी सेना रखी और सीमांत दुर्गों को सुदृढ़ किया।
कथन 3 गलत है। मुहम्मद-बिन-तुगलक के शासनकाल में चगताई शासक तरमाशिरीन (Tarmashirin) ने लगभग 1328–29 ई. में आक्रमण किया। वह मुल्तान और सिंध की ओर से आगे बढ़ा, परंतु मुहम्मद-बिन-तुगलक ने उसके आक्रमण को सफलतापूर्वक विफल किया। मंगोलों द्वारा उसके राज्य के उत्तर-पश्चिमी भाग को अस्थायी रूप से अपने अधिकार में ले लेने की बात सही नहीं है।