JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2021

Previous Year Question

प्राचीन भारत के इतिहास के संदर्भ में, भवभूति, हस्तिमल्ल तथा क्षेमेश्वर क्यों प्रसिद्ध थे?

A.
जैन साधु
B.
नाटककार
C.
मंदिर वास्तुकार
D.
दार्शनिक

Correct Answer: B

Detailed Solution

भवभूति, हस्तिमल्ल और क्षेमेश्वर—तीनों का संबंध नाट्य-साहित्य से था। इसलिए इन तीनों की common identity playwrights / नाटककार है।

भवभूति संस्कृत के प्रसिद्ध नाटककार थे। उनकी तीन प्रमुख उपलब्ध नाट्यकृतियाँ हैं—महावीरचरित, मालतीमाधव और उत्तररामचरित। उन्हें सामान्यतः 8वीं शताब्दी के आरंभिक भाग से जोड़ा जाता है तथा कन्नौज के यशोवर्मन के काल से उनका संबंध माना जाता है। UGC-INFLIBNET भी भवभूति को Classical Sanskrit drama की प्रमुख परंपरा में रखता है।

हस्तिमल्ल भी नाटककार थे। इसका मजबूत documentary evidence उनकी प्रकाशित संस्कृत नाट्यकृतियों से मिलता है। LBSNAA की Gandhi Smriti Library catalogue में Vikranta Kaurava, Anjanapavanamjaya और Subhadra Natika को Hastimalla की Sanskrit dramas के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

क्षेमेश्वर की प्रसिद्ध नाट्यकृति चण्डकौशिक (Chanda Kaushika) है। Asiatic Society द्वारा प्रकाशित 1962 के critical edition में Chanda Kaushika of Arya Kshemishvara को स्पष्ट रूप से Sanskrit drama और Kṣemīśvara की रचना के रूप में दर्ज किया गया है। Deccan College catalogue भी Candakausika के लेखक Ksemisvara को दर्ज करता है।

यहाँ dates को लेकर अलग-अलग secondary sources में कुछ अंतर मिलता है, विशेषकर हस्तिमल्ल और क्षेमेश्वर के लिए। इस प्रश्न को हल करने के लिए उनकी exact century आवश्यक नहीं है। उनकी surviving/recorded dramatic works उनकी नाटककार वाली पहचान को पर्याप्त रूप से स्थापित करती हैं।

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