Previous Year Question
गुप्त वंश के पतन से लेकर आरंभिक सातवीं शताब्दी में हर्षवर्धन के उत्थान तक उत्तर भारत में निम्नलिखित में से किन राज्यों का शासन था?
मगध के गुप्त
मालवा के परमार
थानेसर के पुष्यभूति
कन्नौज के मौखरि
देवगिरि के यादव
वल्लभी के मैत्रक
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Correct Answer: B
Detailed Solution
यह प्रश्न मोटे तौर पर छठी शताब्दी के मध्य से 606 ईस्वी में हर्ष के राज्यारोहण तक के राजनीतिक परिदृश्य को पूछता है। इस समय साम्राज्यवादी गुप्त सत्ता के विघटन के बाद कई क्षेत्रीय राजवंश उभरे थे। उपलब्ध academic reconstruction में इस संक्रमणकाल की चार प्रमुख शक्तियाँ स्पष्ट रूप से मगध के गुप्त, थानेसर के पुष्यभूति, कन्नौज के मौखरि और वल्लभी के मैत्रक बताई गई हैं।
1. मगध के गुप्त — सही। इन्हें सामान्यतः Later Guptas या Magadha Guptas कहा जाता है। ये Imperial Gupta dynasty के समान राजवंश नहीं माने जाते, यद्यपि नाम समान था। इन्होंने गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद मगध क्षेत्र में सत्ता बनाए रखी।
2. मालवा के परमार — गलत। परमारों का प्रमुख राजनीतिक उदय बहुत बाद में, लगभग 9वीं शताब्दी ईस्वी से जुड़ा है। इसलिए उन्हें 6वीं–आरंभिक 7वीं शताब्दी के इस transition में नहीं रखा जा सकता।
3. थानेसर के पुष्यभूति — सही। पुष्यभूति अथवा वर्धन वंश ने थानेसर में शक्ति स्थापित की। प्रभाकरवर्धन के समय यह सत्ता मजबूत हुई और इसी वंश के हर्षवर्धन ने 606 ईस्वी में सत्ता संभाली।
4. कन्नौज के मौखरि — सही। मौखरियों ने छठी शताब्दी में कन्नौज को केंद्र बनाकर शक्ति विकसित की। उनका Later Guptas से संघर्ष भी हुआ। अंतिम प्रमुख मौखरि शासक ग्रहवर्मन का विवाह पुष्यभूति राजकुमारी राज्यश्री से हुआ था, जिससे दोनों राजवंश राजनीतिक रूप से भी जुड़े।
5. देवगिरि के यादव — गलत। देवगिरि के यादव एक बहुत बाद की शक्ति थे और उनका स्वतंत्र राज्य मुख्यतः 12वीं–13वीं शताब्दी में प्रमुख हुआ। इसलिए वे इस कालखंड में नहीं आते।
6. वल्लभी के मैत्रक — सही। मैत्रकों ने गुप्त सत्ता के पतन के बाद पश्चिमी भारत में वल्लभी को राजधानी बनाकर शासन किया। उनका उदय लगभग 5वीं शताब्दी के उत्तरार्ध से हुआ और उनकी सत्ता कई शताब्दियों तक चली।
इसलिए सही समूह है:
मगध के गुप्त + थानेसर के पुष्यभूति + कन्नौज के मौखरि + वल्लभी के मैत्रक