JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

HISTORY · 2023

Previous Year Question

प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

साहित्यिक कृति

लेखक

1. देवीचन्द्रगुप्तम्

बिल्हण

2. हम्मीर-महाकाव्य

नयचन्द्र सूरि

3. मिलिन्द-पन्ह

नागार्जुन

4. नीतिवाक्यामृत

सोमदेव सूरि

उपर्युक्त युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?

A.
केवल एक
B.
केवल दो
C.
केवल तीन
D.
सभी चार

Correct Answer: B

Detailed Solution

युग्म 1 गलत है। देवीचन्द्रगुप्तम् की रचना विशाखदत्त से संबद्ध है, बिल्हण से नहीं। UGC-INFLIBNET भी Devichandraguptam और Mudrarakshasa दोनों को विशाखदत्त की कृतियों के रूप में दर्ज करता है। दूसरी ओर बिल्हण की प्रसिद्ध ऐतिहासिक कृति विक्रमांकदेवचरित है, जिसका Government Central Book Depot का 1875 संस्करण भी Bilhana को लेखक के रूप में दर्ज करता है।

युग्म 2 सही है। हम्मीर-महाकाव्य के लेखक नयचन्द्र सूरि थे। Library of Congress के digitised 1879 edition में शीर्षक ही The Hammira Mahakavya of Nayachandra Suri है और Nayachandrasuri को author के रूप में दर्ज किया गया है। यह कृति रणथम्भौर के हम्मीरदेव से संबंधित है।

युग्म 3 गलत है। मिलिन्द-पन्ह का संबंध राजा मिलिन्द (Menander) और बौद्ध भिक्षु नागसेन के संवाद से है, नागार्जुन से नहीं। UGC-INFLIBNET भी इसे Milinda और Nagasena के philosophical dialogue के रूप में प्रस्तुत करता है। एक और महत्वपूर्ण nuance यह है कि आधुनिक textual scholarship इसकी रचना को निश्चित रूप से Nagasena की व्यक्तिगत authorship भी नहीं मानती; ग्रंथ की authorship अनिश्चित/अज्ञात मानी जाती है। इसलिए इतना याद रखना सबसे सुरक्षित है—Milinda-panha ≠ Nagarjuna; central interlocutor = Nagasena.

युग्म 4 सही है। नीतिवाक्यामृत (Nitivakyamrita) के लेखक सोमदेव सूरि थे। Deccan College Post-Graduate and Research Institute की digital catalogue entry में Nitivakyamrita के author के रूप में Somadeva Suri स्पष्ट रूप से दर्ज हैं।

इसलिए:

1. देवीचन्द्रगुप्तम् — बिल्हण → गलत; विशाखदत्त
2. हम्मीर-महाकाव्य — नयचन्द्र सूरि → सही
3. मिलिन्द-पन्ह — नागार्जुन → गलत; संवाद नागसेन और मिलिन्द के बीच
4. नीतिवाक्यामृत — सोमदेव सूरि → सही

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