Previous Year Question
गुप्त काल के दौरान भारत में बलात् श्रम (विष्टि) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
Correct Answer: A
Detailed Solution
विष्टि (Vishti) का अर्थ अनिवार्य अथवा बलात् श्रम था। इसमें व्यक्ति श्रम के रूप में राज्य के प्रति अपना दायित्व पूरा करता था। इसलिए इसे नियमित मजदूरी पर किया गया काम नहीं, बल्कि कर के समान श्रम-दायित्व माना जाता था। 2019 के मूल प्रश्न की उपलब्ध Hindi reproduction भी विकल्प A को इसी रूप में प्रस्तुत करती है।
विकल्प A सही है। गुप्त तथा समकालीन भूमि-अनुदान व्यवस्था में राजस्व और अन्य अधिकारों के साथ श्रम लेने का अधिकार भी महत्वपूर्ण आर्थिक अधिकार बनता गया। इसी कारण विष्टि को राज्य के लिए एक संसाधन या tax in labour की तरह समझा जाता है। गुप्तकाल और उसके बाद के land-grant system में राजस्व तथा प्रशासनिक अधिकारों के हस्तांतरण को इतिहासकार राज्य की आर्थिक संरचना में महत्वपूर्ण परिवर्तन मानते हैं।
विकल्प B गलत है। मध्य भारत और पश्चिमी भारत में भूमि-अनुदान तथा राजकीय अधिकारों के हस्तांतरण के पर्याप्त अभिलेखीय प्रमाण मिलते हैं; इसलिए विष्टि को इन क्षेत्रों से पूर्णतः अनुपस्थित कहना सही नहीं है। R. S. Sharma भी Gupta-period grants में कर, प्रशासन और forced labour जैसे अधिकारों के क्रमिक हस्तांतरण को feudalisation की प्रक्रिया से जोड़ते हैं।
विकल्प C गलत है। विष्टि की मूल विशेषता ही यह थी कि यह compulsory labour obligation था, सामान्य wage labour नहीं। इसलिए साप्ताहिक मजदूरी का अधिकार इसकी परिभाषा से मेल नहीं खाता।
विकल्प D भी गलत है। ऐसा कोई सामान्य नियम प्रमाणित नहीं है कि केवल मजदूर के ज्येष्ठ पुत्र को ही विष्टि के लिए भेजा जाता था। दायित्व परिवार अथवा स्थानीय जनसंख्या से श्रम उपलब्ध कराने का था, न कि अनिवार्य रूप से eldest son का।
विष्टि → अनिवार्य श्रम → सामान्यतः अवैतनिक → कर के समान राज्य-दायित्व