Previous Year Question
प्राचीन भारतीय गुप्त राजवंश के समय के संदर्भ में, नगर घंटाशाला, कदूरा तथा चौल किस लिए विख्यात थे?
Correct Answer: A
Detailed Solution
घंटाशाला, कदूरा और चौल विदेशी व्यापार से जुड़े बंदरगाह थे। संलग्न पुस्तक भी गुप्तकालीन समुद्री व्यापार को दो व्यापक तटीय समूहों में समझाती है—पूर्वी तट पर ताम्रलिप्ति, घंटाशाला और कदूरा, तथा पश्चिमी तट पर भड़ौच, चौल, कल्याण और कैम्बे जैसे पत्तन।
घंटाशाला और कदूरा पूर्वी तट के व्यापारिक नेटवर्क से जुड़े थे। इनके माध्यम से उत्तर और पूर्वी भारत का समुद्री व्यापार दक्षिण-पूर्व एशिया की दिशा में संचालित होता था। इसी अवधि में बंगाल का ताम्रलिप्ति भी पूर्वी समुद्री व्यापार का एक प्रमुख केंद्र था। घंटाशाला, कदूरा और चौल की सामूहिक पहचान ports handling foreign trade के रूप में देते हैं।
चौल पश्चिमी समुद्री व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र था। महाराष्ट्र सरकार के Gazetteer में Chaul/Cheul को प्रारंभिक ऐतिहासिक काल से एक महत्वपूर्ण centre of trade बताया गया है और पश्चिमी तट के व्यापारिक मार्गों से उसका गहरा संबंध दर्ज है।
यहाँ एक महत्वपूर्ण बात है: प्रश्न में “गुप्त राजवंश के समय” कहा गया है, न कि यह कि ये सभी नगर प्रत्यक्ष रूप से गुप्त साम्राज्य की प्रशासनिक सीमा के भीतर थे। इसलिए प्रश्न इन नगरों की उस काल में आर्थिक भूमिका पूछ रहा है।
अतः:
घंटाशाला → बंदरगाह
कदूरा → बंदरगाह
चौल → बंदरगाह
इन तीनों की common identity थी—विदेशी व्यापार करने वाले बंदरगाह।