Previous Year Question
भारत के इतिहास में निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए:
राजा भोज के अधीन प्रतिहारों का उदय
महेन्द्रवर्मन-I के अधीन पल्लव सत्ता की स्थापना
परान्तक-I द्वारा चोल सत्ता की स्थापना
गोपाल द्वारा पाल राजवंश की संस्थापना
उपर्युक्त घटनाओं का, प्राचीन काल से आरम्भ कर, सही कालानुक्रम क्या है?
Correct Answer: C
Detailed Solution
सबसे पहले महेन्द्रवर्मन-I आता है। वह पल्लव वंश का प्रमुख शासक था और उसका शासन लगभग 590/600–630 ईस्वी माना जाता है। उसके शासनकाल में पल्लव सत्ता दक्षिण भारत की एक प्रमुख शक्ति के रूप में मजबूत हुई। इसलिए घटना 2 सबसे पहले आती है।
इसके बाद गोपाल आता है। बंगाल में राजनीतिक अव्यवस्था के बाद गोपाल को राजा चुना गया और उसने पाल राजवंश की स्थापना की। उसका शासन लगभग 750–770 ईस्वी रखा जाता है। अतः घटना 4 दूसरे स्थान पर है।
इसके बाद प्रतिहार शासक भोज अर्थात मिहिर भोज आता है। उसका शासन नौवीं शताब्दी में था—विभिन्न academic chronologies इसे लगभग 836/840 से 885/890 ईस्वी के बीच रखती हैं। उसके अधीन गुर्जर-प्रतिहार शक्ति अपने उत्कर्ष की ओर बढ़ी। इसलिए घटना 1, गोपाल के बाद आती है।
अंत में परान्तक-I आता है। उसका शासन लगभग 907–953 ईस्वी था। उसने पांड्यों के विरुद्ध अभियान चलाकर चोल शक्ति का व्यापक विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया। इसलिए घटना 3 सबसे बाद में आती है।
अतः chronology है:
महेन्द्रवर्मन-I → गोपाल → मिहिर भोज → परान्तक-I
2 → 4 → 1 → 3