Previous Year Question
प्राचीन दक्षिण भारत के संदर्भ में, कोरकई, पूमपुहार और मुचीरि किस रूप में सुविख्यात थे?
Correct Answer: B
Detailed Solution
कोरकई, पूमपुहार और मुचीरि—तीनों प्राचीन दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण पत्तन थे। ये क्रमशः पांड्य, चोल और चेर क्षेत्रों के समुद्री व्यापार से जुड़े प्रमुख केंद्र थे।
कोरकई वर्तमान तमिलनाडु के तूतीकोरिन क्षेत्र में ताम्रपर्णी नदी से संबंधित प्राचीन स्थल है। Tamil Nadu Department of Archaeology के अनुसार संगम साहित्य और classical geographers इसे विशेष रूप से मोती मत्स्यिकी के महत्वपूर्ण पत्तन के रूप में जानते थे। यहाँ तमिल-ब्राह्मी लेख वाले मृद्भांड भी मिले हैं।
पूमपुहार, जिसे कावेरीपूम्पट्टिनम/कावेरीपट्टिनम भी कहा जाता है, कावेरी नदी के समुद्र से मिलने वाले स्थान पर स्थित चोल क्षेत्र का समृद्ध पत्तन नगर था। Tamil Nadu Archaeology इसे संगम काल का flourishing port city और चोलों की दूसरी राजधानी बताता है। यहाँ उत्खनन में एक wharf-जैसी संरचना भी मिली है।
मुचीरि, जिसे यूनानी-रोमन स्रोतों में Muziris कहा गया, चेर क्षेत्र का प्रसिद्ध पश्चिमी तटीय पत्तन था। Kerala Department of Archaeology स्पष्ट रूप से बताता है कि संगम साहित्य इसे Muchiri कहता है। यहाँ से Mediterranean world के साथ व्यापार के प्रमाण—Roman amphora, Chera coins और अन्य आयातित वस्तुएँ—प्राप्त हुई हैं।