Previous Year Question
किस अनुच्छेद के तहत आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों को भी निलंबित किया जा सकता है?
Correct Answer: C
Detailed Solution
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 359 राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान भाग III में दिए गए कुछ मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन को निलंबित करने से संबंधित है। इसका आधिकारिक शीर्षक भी “Suspension of the enforcement of the rights conferred by Part III during emergencies” है।
अनुच्छेद 359(1) के अनुसार जब राष्ट्रीय आपातकालकी उद्घोषणा लागू हो, तब राष्ट्रपति आदेश द्वारा यह घोषित कर सकता है कि आदेश में उल्लिखित कुछ मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए न्यायालय जाने का अधिकार निर्धारित अवधि के लिए निलंबित रहेगा। ऐसे अधिकारों के प्रवर्तन से संबंधित न्यायालय में लंबित कार्यवाहियाँ भी उस अवधि के लिए निलंबित की जा सकती हैं।
बहुत महत्वपूर्ण तथ्य: प्रश्न की भाषा में “मौलिक अधिकारों को निलंबित” कहा गया है, लेकिन अधिक सटीक संवैधानिक भाषा मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए न्यायालय जाने के अधिकार का निलंबन है। इसलिए अनुच्छेद 359 को सीधे सभी Fundamental Rights समाप्त या निलंबित कर देने वाला प्रावधान समझना सही नहीं होगा।
इसके अतिरिक्त 44वें संविधान संशोधन के बाद अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 को अनुच्छेद 359 के दायरे से बाहर रखा गया है। इसलिए राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान भी राष्ट्रपति अनुच्छेद 20 और 21 के प्रवर्तन के लिए न्यायालय जाने के अधिकार को अनुच्छेद 359 के अंतर्गत निलंबित नहीं कर सकता।
यहाँ अनुच्छेद 358 और 359 में अंतर भी याद रखना चाहिए। अनुच्छेद 358 विशेष रूप से अनुच्छेद 19 से संबंधित है और वर्तमान संवैधानिक व्यवस्था में इसका प्रभाव केवल युद्ध या बाहरी आक्रमण के आधार पर घोषित राष्ट्रीय आपातकाल में होता है; जबकि अनुच्छेद 359 राष्ट्रपति के आदेश द्वारा निर्दिष्ट अन्य मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन से संबंधित है, पर अनुच्छेद 20 और 21 अपवाद हैं।