JAGTIV · Previous Year Questions

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INDIAN CONSTITUTION & PUBLIC ADMINISTRATION · 2023

Previous Year Question

भारतीय संविधान के किस संशोधन ने लोकसभा और विधान सभाओं दोनों में एंग्लो-इंडियन के नामांकन को समाप्त कर दिया है?

A.
101वाँ संशोधन अधिनियम, 2019
B.
100वाँ संशोधन अधिनियम, 2019
C.
104वाँ संशोधन अधिनियम, 2019
D.
107वाँ संशोधन अधिनियम, 2019

Correct Answer: C

Detailed Solution

लोकसभाऔर राज्य विधानसभाओं में एंग्लो-इंडियन समुदाय के नामांकन द्वारा विशेष प्रतिनिधित्व की व्यवस्था काविस्तार समाप्त करने से संबंधितसंशोधन संविधान (104वाँ संशोधन) अधिनियम, 2019 था। यह संशोधन25 जनवरी 2020 से प्रभावी हुआ।

संविधानका अनुच्छेद 334 अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियोंके लिए सीटों केआरक्षण तथा एंग्लो-इंडियनसमुदाय के नामांकन द्वाराप्रतिनिधित्व की समय-सीमासे संबंधित था। 104वें संशोधन नेअनुच्छेद 334 में दोनों व्यवस्थाओंके लिए अलग-अलगसमय-सीमा निर्धारित की।

  • अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों का आरक्षण संविधान लागू होने से 80 वर्ष तक जारी रखा गया।

  • लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एंग्लो-इंडियन समुदाय का नामांकन द्वारा प्रतिनिधित्व केवल 70 वर्ष तक रखा गया।

संशोधितअनुच्छेद 334 के अनुसार—

चूँकिसंविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआथा, एंग्लो-इंडियन नामांकन संबंधी 70 वर्ष की अवधिसमाप्त हो गई औरइस विशेष प्रतिनिधित्व को आगे नहींबढ़ाया गया।

महत्वपूर्णतथ्य: 104वें संशोधन ने SC/ST के राजनीतिक आरक्षण को समाप्त नहींकिया; उसे आगे बढ़ायागया, जबकि एंग्लो-इंडियन समुदाय के नामांकन द्वारा प्रतिनिधित्व की अवधि आगे नहीं बढ़ाई गई।

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