Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता राज्यसभा को विधान परिषद से अलग करती है?
Correct Answer: D
Detailed Solution
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 61 के अनुसार राष्ट्रपति पर संविधान के उल्लंघन के लिए महाभियोग का आरोप संसद के किसी भी सदन द्वारा लगाया जा सकता है। इसलिए राज्यसभा राष्ट्रपति के महाभियोग की संवैधानिक प्रक्रिया में भाग लेती है। यदि एक सदन आरोप लगाता है, तो दूसरा सदन उस आरोप की जाँच करता है या करवाता है।
इसके विपरीत, किसी राज्य की विधान परिषद राष्ट्रपति के महाभियोग की इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है, क्योंकि अनुच्छेद 61 यह शक्ति संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—को देता है।
अन्य विकल्प राज्यसभा को विधान परिषद से स्पष्ट रूप से अलग नहीं करते:
नामांकन:राज्यसभा में राष्ट्रपति द्वारा 12 सदस्यों को नामित करने का प्रावधान है। दूसरी ओर विधान परिषद में भी कुछ सदस्यों को राज्यपाल द्वारा नामित किया जाता है।
अप्रत्यक्ष चुनाव: राज्यसभा के राज्यों के प्रतिनिधियों का चुनाव संबंधित राज्य विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व और एकल संक्रमणीय मत प्रणाली से होता है। विधान परिषद के भी अधिकांश सदस्य विभिन्न निर्वाचक मंडलों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं।
कार्यकाल/स्थायी सदन की प्रकृति: राज्यसभा भंग नहीं होती और लगभग एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं। विधानपरिषद भी भंग नहीं होती तथा लगभग एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं।
इसलिए दिए गए विकल्पों में वास्तविक अंतर महाभियोग की शक्ति है।