JAGTIV · Previous Year Questions

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INDIAN ECONOMY · 2023

Previous Year Question

यह सुनिश्चित करने के लिए कि जीएसटी का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जाए, सरकार ने राष्ट्रीय मुनाफाखोरी-रोधी प्राधिकरण (National Anti-Profiteering Authority) की स्थापना की, लेकिन 1 दिसंबर, 2022 से सभी जीएसटी मुनाफाखोरी-रोधी शिकायतों का निपटारा किस संगठन द्वारा किया जाता है?

A.
आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक)
B.
भारत का आयकर विभाग
C.
सीसीआई (भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग)
D.
एनसीडीआरसी (राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग)

Correct Answer: C

Detailed Solution

1 दिसंबर 2022 से GST से संबंधित anti-profiteering मामलों को संभालने की जिम्मेदारी Competition Commission of India (CCI) को दी गई थी। CBIC की आधिकारिक Notification No. 23/2022 Central Tax, दिनांक 23 नवंबर 2022, ने CCI को CGST Act के अंतर्गत anti-profiteering मामलों को संभालने के लिए अधिकृत किया और यह व्यवस्था 1 दिसंबर 2022 से प्रभावी हुई।


इससे पहले यह कार्य National Anti-Profiteering Authority (NAA) द्वारा किया जाता था। GST Council के आधिकारिक अभिलेख के अनुसार NAA का कार्यकाल 30 नवंबर 2022 को समाप्त हुआ और उसका anti-profiteering mandate अगले दिन से CCI को स्थानांतरित कर दिया गया। GST Council के records में भी स्पष्ट रूप से दर्ज है कि 1 December 2022 से GST anti-profiteering complaints CCI द्वारा deal की जाने लगीं।


Anti-profiteering व्यवस्था का मूल उद्देश्य CGST Act, 2017 की Section 171 से जुड़ा है। इसके तहत यदि GST की दर में कमी होतीहै या Input Tax Credit का लाभ मिलता है, तो उसका समुचित लाभ कीमत में कमी के माध्यम से उपभोक्ता तक पहुँचाया जाना चाहिए। इस व्यवस्थाका उद्देश्य यह रोकना था कि supplier कर में कमी या input-tax credit का लाभ स्वयं रखकर अनुचित अतिरिक्त लाभ न कमाए।


NAA → 30 नवंबर 2022 तक; CCI → 1 दिसंबर 2022 से anti-profiteering mandate.

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