JAGTIV · Previous Year Questions

PET

INDIAN ECONOMY · 2021

Previous Year Question

किसके बढ़ने के फलस्वरूप निजी निवेश में वृद्धि की अधिक संभावना होगी?

A.
ब्याज दर
B.
शेयरों की कीमत
C.
नई पूंजी पर अनुमानित प्राप्ति
D.
व्यक्तिगत कर

Correct Answer: C

Detailed Solution

नई पूंजी पर अनुमानित प्राप्ति (Expected Return on New Capital) बढ़ने पर निजी निवेश बढ़ने की संभावना होती है। निजी क्षेत्र में निवेश का प्रमुख उद्देश्य लाभ अर्जित करना होता है। यदि किसी नई मशीन, कारखाने या अन्य पूंजीगत परिसंपत्ति से भविष्य में अधिक आय या लाभ मिलने की उम्मीद हो, तो उद्यमियों के लिए उसमें निवेश करना अधिक आकर्षक हो जाता है। भारत सरकार के उच्च शिक्षा प्लेटफॉर्म INFLIBNET की अर्थशास्त्र सामग्री भी बताती है कि निजी क्षेत्र के निवेश निर्णयों में expected profitability प्रमुख प्रेरक तत्व होती है।


निवेश का निर्णय केवल अनुमानित प्रतिफल देखकर नहीं लिया जाता; उद्यमी पूंजी से अपेक्षित प्रतिफल की तुलना निवेश की वित्तीय लागत, विशेषकर ब्याज दर, से करते हैं। Keynes ने इस संबंध को Marginal Efficiency of Capital (MEC) की अवधारणा से समझाया। जब पूंजी पर अपेक्षित प्रतिफल निवेश की लागत की तुलना में अधिक आकर्षक होता है, तो नए निवेश के लिए प्रोत्साहन बढ़ता है।


इसलिए एक महत्वपूर्ण संबंध याद रखें: Expected profitability बढ़े → निजी निवेश की प्रवृत्ति बढ़े। इसके विपरीत, अन्य बातें समान रहने पर ब्याज दर बढ़ने से निवेश की वित्तीय लागत बढ़ती है, जिससे निवेश हतोत्साहित हो सकता है। प्रश्न विशेष रूप से पूछता है कि किसके बढ़ने से निजी निवेश बढ़ने की अधिक संभावना है; इसलिए सबसे उपयुक्त विकल्प नई पूंजी पर अनुमानित प्राप्ति है।

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