JAGTIV · Previous Year Questions

PET

INDIAN ECONOMY · 2022

Previous Year Question

‘हरित लेखांकन’ (ग्रीन अकाउंटिंग) का अर्थ है ______ के आकलन को ध्यान में रखते हुए देश की राष्ट्रीय आय का मापन।

A.
देश के कुल वन क्षेत्र का विनाश
B.
इनमें से कोई नहीं
C.
देश के वन क्षेत्र का विनाश
D.
प्रदूषण एवं पर्यावरण हानि

Correct Answer: D

Detailed Solution

हरित लेखांकन (Green Accounting) में आर्थिक गतिविधियों का आकलन करते समय पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों को भी आर्थिक लेखांकन में शामिल करने का प्रयास किया जाता है। इसमें केवल पारंपरिक उत्पादन और आय ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के क्षय (resource depletion), पर्यावरणीय अवनयन (environmental degradation) और प्रदूषण से जुड़ी लागतों पर भी विचार किया जाता है। भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अनुसार Environmental-Economic Accounting का उद्देश्य आर्थिक और पर्यावरणीय सूचनाओं को एकीकृत करना है।


पारंपरिक राष्ट्रीय आय या GDP किसी अवधि में आर्थिक उत्पादन को मापता है, लेकिन वह हमेशा प्राकृतिक संसाधनों की कमी और पर्यावरण को हुई क्षति को सीधे उत्पादन की लागत के रूप में नहीं दिखाता। इसी सीमा को दूर करने के लिए System of Environmental-Economic Accounting (SEEA) अर्थव्यवस्था तथा पर्यावरण के बीच संबंधों, प्राकृतिक संसाधनों के extraction और depletion तथा environmental degradation का व्यवस्थित लेखांकन उपलब्ध कराता है।


इसलिए Green Accounting को केवल वनों की कटाई तक सीमित समझना गलत होगा। वन संसाधन इसका एक हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन अवधारणा अधिक व्यापक हैऔर इसमें जल, भूमि, खनिज, ऊर्जा संसाधन, प्रदूषण तथा अन्य पर्यावरणीय हानियाँ भी शामिल हो सकती हैं। MoSPI के पर्यावरण लेखांकन संबंधी दस्तावेज भी प्राकृतिक संसाधनों के depletion और environmental degradation दोनों को महत्वपूर्ण बताते हैं।

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