JAGTIV · Previous Year Questions

PET

INDIAN ECONOMY · 2022

Previous Year Question

1991 के आर्थिक सुधारों में सबसे नीचे किस समस्या की ओर ध्यान दिया गया था?

A.
भारतीय रुपये का मूल्यह्रास
B.
यह सब
C.
आर्थिक नीति का पतन
D.
विदेशी मुद्रा भंडार के संकट

Correct Answer: B

Detailed Solution

1991 के आर्थिक सुधारों की पृष्ठभूमि में भारत एक गंभीर व्यापक आर्थिक और भुगतान संतुलन संकट का सामना कर रहा था। तत्कालीन वित्तमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 24 जुलाई 1991 के बजट भाषण में कहा था कि Balance of Payments कीस्थिति अत्यंत गंभीर थी, राजकोषीय असंतुलन बढ़ चुका था और विदेशी मुद्रा भंडार लगभग केवल दो सप्ताह के आयात के भुगतान के लिए पर्याप्त रह गया था। इसलिए विदेशी मुद्रा संकट 1991 के सुधारों का एक प्रत्यक्ष और प्रमाणित कारण था।

इसके साथ विनिमय दर में भी बड़ा समायोजन किया गया। भारत सरकार के Economic Survey 1991-92 के अनुसार 1 और 3 जुलाई 1991 को दो चरणों में भारतीय रुपये के बाह्य मूल्य में लगभग 18% की गिरावट (devaluation) की गई। इसका उद्देश्य भुगतान संतुलन की कठिनाइयों से निपटने और भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता सुधारने में सहायता करना था।

लेकिन इस प्रश्न में एक महत्वपूर्ण तथ्यात्मक सावधानी आवश्यक है। विकल्प (A) में दिया गया रुपये का मूल्यह्रास केवल संकट का कारण नहीं था; जुलाई 1991 का औपचारिक devaluation संकट से निपटने के लिए उठाया गया एक policy measure भी था। इसी प्रकार “आर्थिक नीति का पतन” कोई मानक आर्थिक शब्द नहीं है। इसलिए पुस्तक में (B) यह सब उत्तर दिया गया है, लेकिन वैज्ञानिक/आर्थिक दृष्टि से प्रश्न और विकल्पों की भाषा पूरी तरह सटीक नहीं है। 1991 सुधारों की सबसे स्पष्ट पृष्ठभूमि Balance of Payments crisis, अत्यंतकम foreign-exchange reserves, fiscal imbalance और व्यापक macroeconomic instability थी।

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